जानिए क्या है बीसीसीआई की ‘रिटर्न टू प्ले’ नाम की पहल, जिससे घरेलू क्रिकेट खिलाड़ियों को होगा फायदा

पिछले काफी समय से भारत में घरेलू क्रिकेट के खिलाड़ियों की इंजरी और उनके वर्कलोड का मापन नहीं होता था। ये सुविधा सिर्फ इंडिया ए के खिलाड़ी या फिर इंडिया अंडर – 19 के खिलाड़ियों को मिलती थी। लेकिन पिछले साल से भारतीय घरेलू क्रिकेट में बदलाव शुरू हुआ और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बीसीसीआई ने एक सराहनीय कदम उठाया। उसका मानना है कि इंजरी और वर्कलोड से जुड़ा सभी खिलाड़ियों का डाटा तैयार किया जायेगा जिससे उनका मुल्यांकन किय जायेगा। इस प्रक्रिया में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी द्वारा सबसे ज्यादा तेज गेंदबाजों को फायदा होगा।

इसी काम को आगे बढ़ाने के लिए हाल ही में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी ने एक कांफ्रेंस कॉल के जरिये इस देश के सभी क्रिकेट फिजियों से बात की। जिसमे फिजियों द्वारा इकट्ठा किये गए डाटा के उपर विचार विमर्श किया गया। जिसमें सभी पहलुओं पर काफी लम्बी चर्चा हुई और इस पहल का नाम ‘रिटर्न टू प्ले’ रखा गया।

इसके बारे में जानकारी देते हुए एक राज्य स्तर की क्रिकेट टीम के सीनियर फिजियों ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया से कहा, “इस पहल का मुख्य उद्देश्य इंजरी पर निगरानी है। जिससे खिलाड़ियों को हमारे घरेलू फिजियों और ट्रेनर पर अधिक विश्वास होगा। यह एक प्रक्रिया है जो निश्चित रूप से हमें भविष्य में परिणाम देगी।”

गौरलतब है कि इस तरह डाटा को देखकर एक राज्य स्तर का फिजियों अपने गेंदबाज को बता सकता है कि वो कितने मैच और इसी क्षमता के साथ खेल सकता है। जिससे उसके प्रदर्शन में अधिक निखार आएगा।

बता दें कि बता दें कि कोरोनावायरस ने पूरे खेल जगत को रोक दिया है। वहीं भारत में 1 लाख से उपर बढ़ते कोरोना वायरस केस के कारण 29 मार्च से शुरू होने वाले आईपीएल 2020 को बीसीसीआई ने पहले 15 अप्रैल तक स्थगित किया था। जिसके बाद भी स्थिति ना सुधरने के कारण अब इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।

ऐसे में बीसीसीआई के अधिकार सितंबर से नवम्बर माह के बीच आईपीएल को कराने पर विचार कर रहे हैं। हलांकि इस पर अधिकारिक पुष्टि कब आती है इसका सभी फैंस को बेसब्री से इंतज़ार है।

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