IPL टाइटल स्पॉन्सरशिप के जरिए पतंजलि साधना चाहती है बड़ा निशाना

इस साल आईपीएल (IPL) 2020 का आयोजन यूएई में आयोजित होगा। और इसका टाइटल स्पॉन्सर चाइनीज कम्पनी वीवो को दिया गया था। लेकिन देश मे चाइनीज प्रोडक्ट के बायकॉट का ट्रेंड चल रहा है। इसलिए अब वीवो के स्पॉन्सरशिप पर तलवार लटक रही है।

आईपीएल (IPL) 2020 देशी होने वाला है
इस साल आईपीएल (IPL) 2020 का आयोजन भले ही यूएई में होगा, लेकिन इसमें पूरी तरह देशी लुक दिखेगा। वीवो के टाइटल स्पॉन्सर छीन जाने के बाद भारत की सबसे बड़ी उपभोक्ता कंपनी पतंजलि आयुर्वेद टाइटल स्पॉन्सर की रेस में शामिल हो गई है। पतंजलि कंपनी के एक अधिकारी ने बताया वीवो के जाने के बाद अब पतंजलि को मौका मिल सकता है।
कंपनी के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने भी इस बात पर मुहर लगा दी है। तिजारावाला ने कहा, ‘हम इस बारे में सोच रहे हैं। यह वोकल फॉर लोकल की बात है। यह एक भारत ब्रांड को वैश्विक स्तर पर ले जाने की बात है और उसके लिए यही प्लैटफॉर्म है। हम इस दिशा में भी सोच रहे हैं।’

क्या बोलते है अधिकारी
ब्रांड स्ट्रेटरजिस्ट हरीश बिजूर के अनुसार अगर देश की कंपनी टाइटल स्पॉन्सर बनती है तो इसमें आईपीएल से ज्यादा कम्पनी का फायदा है। अगर पतंजलि इस स्पॉन्सरशिप को हासिल कर लेती है तो उसका फायदा ही फायदा होगा। बिजूर के अनुसार इस समय देश मे बॉयकॉट चाइना चल रहा है और देशी सामानों पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
अब जबकि आईपीएल (IPL) 2020 यूएई में होगा, लेकिन फिर भी करोड़ो दर्शक इसको टेलीविजन या फिर इंटरनेट पर देखते है। इसलिये इसमे विज्ञापन फायदे का सौदा हो सकता है।
क्या है पूरा मामला
पिछले सप्ताह तक चाइनीज मोबाइल कम्पनी वीवो ही आईपीएल (IPL) 2020 के लिए टाइटल स्पॉन्सर की दावेदारी पेश कर रही थी। लेकिन इस समय के माहौल और देश के जनता में चाइना के प्रति बढ़ते गुस्से को देखते हुये BCCI ने अब वीवो की जगह किसी देश कंपनी को टाइटल स्पॉन्सरशिप देने की तैयारी में है।
आपको बता दे कि आईपीएल (IPL) के ज्यादातर दर्शक और फैन्स भारतीय है। और इस समय चाइनीज कंपनी को टाइटल स्पॉन्सर देना मतलब भारतीय लोगो की भावनाओ को ठेस पहचान। BCCI कभी भी ऐसा नही चाहेगी की उसके ज्यादातर दर्शक नाराज़ हो और आईपीएल (IPL) 2020 पर कोई भी आँच आये।
किसको कितना फायदा
आईपीएल में टाइटल स्पॉन्सरशिप से होने वाली सालाना कमाई बीसीसीआई और फ्रैंचाइजी के बीच आधी-आधी बांटी जाती है।
वीवो ने साल 2018-2022 तक के पांच साल के लिए 2190 करोड़ रुपये में टाइटल स्पॉन्सरशिप हासिल की थी। यानी एक साल का करीब 440 करोड़ रुपये।

Leave a Reply